इंस्टाग्राम की फेमस क्वीन प्रिया की चूत चोदकर रात भर की हार्डकोर चुदाई
इंस्टाग्राम की फेमस लड़की प्रिया के साथ कंटेंट बनाने का प्लान बनाया। शुरू में उसने बहुत रेसिस्टेंस किया लेकिन धीरे-धीरे पटाकर एक रात होटल में लंबी फोरप्ले के बाद उसकी टाइट चूत में मोटा लंड घुसा दिया। मल्टीपल हार्डकोर राउंड्स में उसे अपनी रंडी बना लिया। रियल लाइफ जैसा हार्ड पताना और डिटेल्ड चुदाई पसंद है तो जरूर पढ़ो!
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Priya
7/30/2026
मैं मुंबई में रहने वाला एक साधारण कंटेंट क्रिएटर हूँ। नाम आरव, उम्र अट्ठाईस साल। फ्रीलांस फोटोग्राफी करता हूँ, रील्स बनाता हूँ और छोटे-मोटे इन्फ्लुएंसर्स के साथ काम करता हूँ। बड़ा ब्रेक नहीं मिल रहा था। जिंदगी चल ही रही थी। फिर एक दिन इंस्टाग्राम पर प्रिया का प्रोफाइल खुला। आठ लाख फॉलोअर्स वाली फेमस लड़की। उसकी रील्स देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था। गोरी रंगत, तने हुए बड़े-बड़े बोबे जो टाइट टॉप में उछलते रहते, पतली कमर, मोटी-मोटी गांड और वो लाल होंठ जो किसी को भी दीवाना बना दें। उसकी आँखों में एक शरारत थी और शरीर में वो जादू जो स्क्रीन के पार भी महसूस होता था।
मन में पहली बार ख्याल आया – काश इसकी चूत चोदने का मौका मिल जाए। मैंने तुरंत डीएम किया। “हाई प्रिया, मैं आरव हूँ। कंटेंट क्रिएटर। आपके साथ एक क्रिएटिव रील का आइडिया है। प्रोफेशनल शूट कर सकते हैं। अगर इंटरेस्ट हो तो बताएं।”
दो दिन बाद रिप्लाई आया। “हेलो आरव, आइडिया अच्छा लग रहा है। लेकिन मैं आमतौर पर बिग टीम के साथ काम करती हूँ। आपका वर्क देख सकती हूँ?” मैंने अपना पोर्टफोलियो भेज दिया। वो थोड़ी इम्प्रेस हुई। हमने एक कैफे में मीटिंग फिक्स कर ली।
जब वो आई तो मैं सच में दंग रह गया। असल जिंदगी में वो और भी खतरनाक लग रही थी। टाइट ब्लैक जींस और छोटा सा क्रॉप टॉप। उसकी कमर नंगी दिख रही थी और बोबे इतने तने हुए कि लग रहा था जैसे अभी फट जाएंगे। परफ्यूम की महक दूर से ही आ रही थी। मैंने अंदर से गहरी सांस ली।
हम बैठे। मैंने अपना आइडिया बताया – “फेक वर्सेस रियल” वाली रील। उसकी बोल्ड इमेज को थोड़ा इमोशनल टच देना। वो मुस्कुराई लेकिन सीट पर थोड़ी पीछे हट गई। “थैंक्यू आरव। लेकिन मैं सावधान रहती हूँ। मेरे फैन्स, मेरे फैमिली वाले सब देखते हैं। कोई स्कैंडल नहीं चाहिए। मेरे बॉयफ्रेंड भी इन्फ्लुएंसर हैं, उन्हें शक हो जाता है।”
उसकी आवाज मीठी थी लेकिन साफ था कि वो पूरी तरह गार्ड में है। हमने अगले दिन स्टूडियो में शूट की प्लानिंग कर ली। वो चली गई तो मैं घर आकर उसकी तस्वीरें देखकर लंड हिलाने लगा। “एक दिन इसकी चूत में अपना माल भरूंगा” – यही सोचते हुए झड़ गया।
अगले दिन स्टूडियो में मिले। लाइट्स, कैमरा, एक्शन। प्रिया ने रेड कलर की टाइट ड्रेस पहनी थी। जब मैं उसकी पोज़ एडजस्ट करने लगा तो मेरा हाथ उसकी कमर पर पड़ा। फिर थोड़ा ऊपर सरक गया। उसने तुरंत कदम पीछे खींच लिए। “आरव जी, प्लीज प्रोफेशनल रहें।”
मैं मुस्कुराया। “सॉरी, लाइटिंग चेक कर रहा था।” शूट के दौरान जब वो झुकी तो उसके बोबे का गहरा क्लीवेज साफ दिखा। मेरा लंड अंदर ही अंदर सख्त हो रहा था। शूट खत्म होने के बाद मैंने कहा, “तुम्हारी स्किन इतनी स्मूथ है। कैमरा इसे पसंद करेगा।”
वो थोड़ी शरमा गई लेकिन फिर गंभीर हो गई। “ये सब ठीक नहीं है। मैं बस काम के लिए आई हूँ।”
उसने जल्दी से अपना बैग उठाया और चली गई।
दूसरे दिन फिर मिले। इस बार आउटडोर शूट। समुद्र के किनारे। हवा चल रही थी। उसकी ड्रेस उड़ रही थी। जब मैंने उसे पकड़कर पोज़ दिया तो मेरी छाती उसकी पीठ से लग गई। उसने सांस रोकी। “आरव... रुको।”
मैंने धीरे से कहा, “तुम्हारी बॉडी इतनी परफेक्ट है। कोई भी लड़का दीवाना हो जाए।”
उसने जोर से मुझे धक्का दिया। “बस करो! मैंने कहा ना ऐसी बातें मत करो। मेरे बॉयफ्रेंड को अगर पता चला तो प्रॉब्लम हो जाएगी। और मेरे करियर को नुकसान पहुंच सकता है।”
वो गाड़ी में बैठकर चली गई। मैं फ्रस्ट्रेटेड था लेकिन हार नहीं मानी।
तीसरे दिन लेट नाइट एडिटिंग सेशन। उसने कहा उसके घर पर पावर कट है, इसलिए मेरे फ्लैट पर आ सकती है। मैंने तुरंत हाँ कर दी। रात के बारह बजे वो आई। थकी हुई लग रही थी। हम दोनों स्क्रीन के सामने बैठे। वो मेरे बहुत करीब थी। उसकी जांघ मेरी जांघ से छू रही थी।
मैंने धीरे से उसका हाथ पकड़ लिया। “प्रिया, तुम बहुत टेंशन लेती हो। कभी-कभी रिलैक्स होना भी जरूरी है।”
उसने हाथ छुड़ाया लेकिन आवाज में थोड़ी नरमी थी। “तुम्हारी बातें सुनकर अच्छा लगता है आरव। ज्यादातर लोग सिर्फ मेरी बॉडी और रील्स देखते हैं। तुम... अलग हो।”
हम घंटों बातें करते रहे। उसने अपनी फैमिली के बारे में बताया – गांव के स्ट्रिक्ट पेरेंट्स, जो नहीं जानते कि उनकी बेटी इतनी बोल्ड कंटेंट बनाती है। उसका बॉयफ्रेंड भी कंट्रोलिंग था। “अगर उन्हें पता चला कि मैं अकेले लड़के के साथ लेट नाइट एडिटिंग कर रही हूँ तो...”
उसकी आँखों में आँसू आ गए। मैंने उसे गले लगा लिया। सिर्फ दोस्त की तरह। लेकिन मेरे शरीर में आग लग रही थी।
चौथे दिन शूट के बाद होटल के कमरे में मिले। ड्रिंक्स हुईं। प्रिया थोड़ी ज्यादा पी गई। उसकी आँखें चमक रही थीं। मैंने उसकी कमर पकड़कर खींचा और उसके होंठों पर अपना मुँह रख दिया।
वो पहले तो झटके से पीछे हटी। “नहीं आरव! ये गलत है!”
मैंने फिर कोशिश की। इस बार उसने जोर से मुझे धक्का दिया। “रुको! मैं शादीशुदा नहीं हूँ लेकिन मेरे करियर का सवाल है। अगर कोई फोटो या वीडियो लीक हो गया तो मैं सब कुछ खो दूंगी। मेरे फॉलोअर्स मुझे छोड़ देंगे। मेरे पेरेंट्स को शर्म आएगी। और मेरा बॉयफ्रेंड... वो मुझे छोड़ देगा।”
वो रोने लगी। मैंने उसे छोड़ दिया। वो भागकर चली गई।
लेकिन अगले दिन उसका मैसेज आया – “मैं कन्फ्यूज हूँ। तुम्हारे साथ रहकर अच्छा लगता है लेकिन डर भी लगता है।”
मैंने रिप्लाई किया, “मिलते हैं। बस बात करेंगे।”
पाँचवें दिन शाम को फिर होटल सूट में मिले। इस बार प्रिया खुद आई। उसने कहा, “आज आखिरी बार। कल से मैं वापस चली जाऊंगी।”
हम दोनों जानते थे कि क्या होने वाला है। मैंने दरवाजा बंद किया। इस बार जब मैंने उसे खींचा तो उसने विरोध नहीं किया। लेकिन आँखों में डर और लस्ट दोनों थे।
मैंने उसके होंठों पर अपना मुँह रखा। पहले धीरे-धीरे, फिर गहरा। उसकी जीभ मेरी जीभ से मिली। थूक की गर्माहट दोनों के मुँह में फैल गई। वो सिसकारियाँ भरने लगी। “आह्ह... आरव...”
मैंने उसका टॉप उतारा। काले ब्रा में उसके बोबे बंद थे। मैंने ब्रा का हुक खोला। दो बड़े, गोरे, तने हुए बोबे बाहर आ गए। निप्पल गुलाबी और सख्त। मैंने एक बोबा मुँह में लिया और चूसने लगा। जीभ से निप्पल को घुमाया, दाँतों से हल्का काटा। प्रिया का शरीर काँपने लगा। “आआआह्ह्ह... आरव... धीरे...”
मैंने दूसरा बोबा भी चूसा। उसके बोबे लार से गीले हो गए। वो मेरे बालों में हाथ फेरने लगी।
फिर मैंने उसकी जींस उतारी। पैंटी गीली थी। मैंने पैंटी उतारी। उसकी चूत सामने थी – गुलाबी, छोटी-सी, लेकिन पहले से ही चमक रही थी। मैंने उंगली फिराई। गर्म और गीली। उंगली अंदर डाली। प्रिया ने कमर उठा ली। “उउउह्ह्ह...”
मैंने उंगली बाहर निकालकर सूँघी। उसकी चूत की खुशबू – हल्की मीठी, थोड़ी नमकीन। फिर उंगली उसके मुँह में डाली। “चखो अपनी चूत का स्वाद।”
प्रिया ने आँखें बंद करके चूसा।
अब मैं घुटनों के बल बैठ गया। उसकी जांघें फैलाईं। चूत के पास मुँह लगाया। पहले तो सिर्फ साँस ली। गर्म हवा उसकी चूत पर पड़ी। फिर जीभ से एक लंबा चाटा – नीचे से ऊपर तक। प्रिया चीख पड़ी। “आआआह्ह्ह्ह...”
मैंने उसकी चूत के होठ खोले। अंदर गुलाबी दीवारें दिखीं। क्लिट सूजी हुई थी। मैंने क्लिट को चूसा। फिर जीभ अंदर घुसाई। प्रिया के शरीर में झटके आ रहे थे। उसकी जांघें मेरे सिर को दबा रही थीं। “आरव... आह्ह... मैं... मैं झड़ने वाली हूँ...”
उसका पानी मेरे मुँह में आया। मीठा-नमकीन। मैंने सब पी लिया। वो बार-बार झड़ रही थी।
अब प्रिया ने मुझे खड़ा किया। मेरे कपड़े उतारे। मेरा लंड – आठ इंच का मोटा, तना हुआ – उसके सामने था। उसने घुटने टेके। लंड मुँह में लिया। पहले सिरा चूसा, फिर पूरा अंदर लेने की कोशिश की। गला भर गया। आँखों से आँसू आ गए। “ग्लप... ग्लप...” की आवाजें आ रही थीं।
मैंने उसके बाल पकड़कर धक्के मारे। वो घुट-घुटकर भी चूस रही थी। “तेरी चूत चाटने के बाद अब तू मेरा लंड चूस रही है। कैसी लग रही है मेरी रंडी?”
प्रिया ने आँखें उठाकर देखा। “बहुत... अच्छा...”
जब वो पूरी तरह भीग चुकी और भीख माँगने लगी, तभी मैंने उसे बेड पर लिटाया।
“अब डालो... मुझे चोदो आरव... मैं और नहीं सह सकती।”
मैंने उसकी टाँगें कंधों पर रखीं। लंड की नोक उसकी चूत पर रखी। धीरे-धीरे घुसाया। प्रिया की सांस रुक गई। “आआआह्ह्ह... मोटा है...”
पूरा लंड अंदर घुस गया। उसकी चूत ने लंड को कस लिया। गर्म, गीली, टाइट। मैंने धीरे-धीरे धक्के मारे। “छप... छप... छप...” की गीली आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।
प्रिया चीख रही थी। “आह्ह्ह... और तेज़... फाड़ दो मेरी चूत...”
मैंने रफ होकर धक्के मारे। उसके बोबे उछल रहे थे। मैंने एक बोबा मुँह में लिया और चूसता रहा। प्रिया के नाखून मेरी पीठ में गड़ रहे थे। “उउउउह्ह्ह... हां... और गहरा...”
पहला राउंड मिशनरी में खत्म हुआ। मैंने अंदर ही झड़ दिया। गर्म माल उसकी चूत में भर दिया। प्रिया ने महसूस किया। “तुमने अंदर छोड़ दिया... क्या होगा अगर गर्भवती हो गई तो... मेरे बॉयफ्रेंड... करियर...”
लेकिन उसकी चूत अभी भी लंड को कस रही थी।
दूसरा राउंड – डॉगी स्टाइल। प्रिया को घुटनों के बल कराया। गांड ऊपर उठाई। लंड पीछे से घुसाया। इस बार और गहरा जा रहा था। मैंने उसके बाल पकड़कर खींचे। एक हाथ से गांड पर थप्पड़ मारे। “थप... थप...”
प्रिया चीख रही थी। “आआआह्ह्ह... भोसड़ी के... और जोर से... मैं तेरी कुतिया हूँ...”
मैंने उसकी गांड के गाल फैलाए। चूत का नजारा देखता रहा – लंड अंदर-बाहर हो रहा था, सफेद माल और उसका पानी मिलकर झाग बना रहा था। “स्क्विश... स्क्विश...”
तीसरा राउंड – प्रिया ऊपर। वो मेरे ऊपर बैठी। लंड अपनी चूत में डाला। वो ऊपर-नीचे होने लगी। उसके बोबे मेरे मुँह के पास आ-जा रहे थे। मैं चूसता रहा। वो मेरे चेस्ट पर हाथ रखकर जोर-जोर से कूद रही थी। “आह्ह... आरव... तेरा लंड... मेरी चूत फाड़ रहा है...”
मैंने उसकी कमर पकड़कर ऊपर से धक्के मारे। प्रिया का सिर पीछे झुक गया। आँखें बंद। मुँह खुला। “ओह्ह्ह्ह... मैं फिर झड़ रही हूँ...”
चौथा राउंड – साइड में लेटकर। एक टांग उठाकर। इस बार धीरे-धीरे लेकिन गहरा। हम दोनों थक चुके थे लेकिन लस्ट अभी भी बाकी थी। प्रिया मेरे कान में फुसफुसा रही थी। “अगर ये बात बाहर निकली तो मेरा सब कुछ खत्म... लेकिन... आह्ह... मैं तेरे बिना नहीं रह सकती अब...”
आखिरी बार जब मैं झड़ा तो प्रिया ने लंड बाहर निकालकर अपने बोबे पर माल गिरवाया। फिर उंगली से उठाकर मुँह में डाला। “तेरा माल... स्वादिष्ट है...”
उसके बाद हम दोनों नंगे, पसीने से तर, चिपचिपे शरीर के साथ लेटे रहे। एसी की ठंडी हवा लग रही थी। बाहर ट्रैफिक की आवाज आ रही थी। प्रिया की फोन पर नोटिफिकेशन आ रहे थे – शायद बॉयफ्रेंड का मैसेज।
प्रिया उठकर बाथरूम गई। साफ करने लगी। जब वापस आई तो थोड़ी शर्मिंदा लग रही थी। कपड़े पहनने में उसे दिक्कत हो रही थी – पैंटी चिपक रही थी माल की वजह से।
“ये सब गलत था आरव... लेकिन... अच्छा भी लगा।”
मैंने उसे गले लगाया। “कोई नहीं जानेगा। हम कंटेंट बनाते रहेंगे। और... अगली बार तेरी गांड भी मारूंगा।”
प्रिया ने शरमा कर मेरा हाथ थपथपाया। “शायद... लेकिन बहुत सावधानी से। मेरे करियर का सवाल है।”
हम दोनों जानते थे कि ये आखिरी बार नहीं होगा। कंटेंट बनाने के बहाने हम फिर मिलेंगे। और हर बार चुदाई और हार्डकोर होती जाएगी।
प्रिया की चूत अब मेरी हो चुकी थी। और वो भी जानती थी।